नवग्रह शांति पूजा

जीवन में जब कष्टों के लगातार आना और पूरा जीवन संघर्षपूर्ण दिखाई देना, इस बात का सबूत देता है कि आपके ग्रह–नक्षत्र अशान्त है, आपके नौ ग्रहों की बेकार दशा से आपको जीवन में सही दिशा प्राप्त नही हो पा रही है, इसी वजह से ज्योतिषी द्वारा ग्रह-नक्षत्र का जन्मपत्री द्वारा हाल जानकर उनका उपाय किया |

किसी ग्रह को शान्त करने के लिए जातक को स्वंय को किस  भगवान की पूजा-पाठ करनी चाहिए |

बारह राशियों में नौ ग्रहों का आने-जाने से जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है |  इसलिए इन नौ ग्रहोंकी शान्ति के लिए इनके अनुसार भगवान की पूजा करनी चाहिए |https://en.wikipedia.org/wiki/Ujjain

सूर्य ग्रह- सूर्य देवता को शान्त करने के लिए सूर्य देव को नियमित रूप से जातक को जल अर्पित करना चाहिए. और सूर्य के सामने आदित्यहद्रय    स्त्रोत का पाठ करना चाहिए |

चन्द्रमा ग्रह- चन्द्रमा को शान्त करने और जन्मकुंडली में इसका प्रभाव अच्छा करने के लिए भगवान शिवजी की आराधना और पूजा पाठ करनी चाहिए, क्योंकि भगवान शंकर ने चन्द्रमा को अपनी मष्तिक पर धारण किए हुए है इससे चन्द्र देव शान्त हो जाते है |

मंगल ग्रह- मंगल ग्रह को शान्ति के लिए सबसे कारगर उपाय संकटमोचन हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए और प्रत्येक मंगलवार को हनुमान चालीसा और सुन्दरकांड करवाएं, इससे मंगल ग्रह बहुत जल्दी शान्त हो जाता है |

बुध ग्रह- बुध ग्रह को शान्त करने के लिए गणेश जी को हरी दुर्वा अर्पित कर पूजा करनी चाहिए. और प्रत्येक बुधवार को गणेश जी का व्रत करना चाहिए | 

बृहस्पति ग्रह– बृहस्पति देव को शान्त करना बहुत ही आसान है. ब्रह्म देव की अराधना और भगवत पुराण का पाठ अवश्य करनी चाहिए , गाय को गुड खिलाना चाहिए , गुरूवार को पीपल का पोधा लगाये |

शुक्र ग्रह- शुक्र ग्रह की शान्ति के लिए माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और साथ ही श्री सुक्तम और लक्ष्मी सुक्तम का पाठ करना अनिवार्य है | साथ ही मां दुर्गा की पूजा करे और दुर्गासप्तशती का पाठ करें

शनि ग्रह- सबसे ज्यादा क्रोधित ग्रह शनि ग्रह को कहा जाता है. इसलिए शनि देव के प्रकोप को शान्त करने के लिए प्रत्येक शनिवार पीपल के पेड़ के नीचे तेल दिया जलाना चाहिए. और शनि चालीसा, दशरथकृत शनि स्त्रोत का पाठ करना चाहिए |

राहु ग्रह– राहु को शान्त करने के लिए मां सरस्वती मां की अराधना करनी चाहिए और प्रत्येक दिन सरस्वती कवच का पाठ भी करना चाहिए. मछलियों को आटा खिलाना चाहिए |

केतु ग्रह- राहु का भाई केतु को शान्त करने के लिए गणपति का पूजन और गणेश सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए ,मां दुर्गा की पूजा करे और दुर्गासप्तशती का पाठ

एक साथ नवग्रह पूजा

​चाहे तो आप एक साथ किसी विद्वान पंडित से नवग्रह पूजा करवा सकते है, नवग्रह पूजा के लिए सबसे पहले ग्रहो का आह्वान किया जाता है, उसके बाद अपने घर के मन्दिर में उनकी स्थापन की जाती है, फिर बाएं हाथ से चावल के दाने लेकर मंत्रो का उच्चारण करते हुए दाएं हाथ से चावल नवग्रहों को अर्पित करना चाहिए |

चाहे तो आप नवग्रह मंडल की भी स्थापना कर उनकी विधि-विधान के साथ पूजा करवा सकते है या फिर किसी अपने घर के नजदिक नवग्रह मंदिर में भी किसी विद्वान पंडित द्वारा यह पूजा सम्पन्न करवा सकते हैं |

नवग्रह दान:

जीवन की बाधाओं को दूर करने और सुख-शांति का अचूक उपाय
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जब कुंडली में ये ग्रह अनुकूल स्थिति में होते हैं, तो जीवन में सुख, समृद्धि, अच्छी सेहत और सफलता मिलती है।

इसके विपरीत, यदि कोई ग्रह कमजोर हो या उसकी महादशा/अंतर्दशा खराब चल रही हो, तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और कार्यों में रुकावटों का सामना करना पड़ता है। इन प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने और ग्रहों को अपने अनुकूल बनाने के लिए नवग्रह दान को सबसे सरल, सात्विक और प्रभावशाली उपाय माना गया है।

नवग्रह दान का महत्व क्यों है?
ज्योतिष में दान का अर्थ केवल वस्तुएं देना नहीं है, बल्कि यह अपने बुरे कर्मों के प्रभाव को कम करने और ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने की एक पवित्र प्रक्रिया है। जब हम किसी विशेष ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान करते हैं, तो उस ग्रह की क्रूरता या अशुभता धीरे-धीरे दूर होने लगती है। यदि आपकी कुंडली में कोई एक या एक से अधिक ग्रह पीड़ित हैं, तो नियमित रूप से सही विधि द्वारा दान करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।

नौ ग्रहों के लिए दान की मुख्य वस्तुएं
प्रत्येक ग्रह का अपना एक स्वभाव, धातु और रंग होता है। ग्रहों की शांति के लिए उनकी प्रिय वस्तुओं का दान निम्नलिखित तरीके से किया जाना चाहिए:

सूर्य (Sun): कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए रविवार को गेहूं, तांबा, गुड़, माणिक्य रत्न और लाल कपड़े का दान करें।

चंद्रमा (Moon): मानसिक शांति के लिए सोमवार को दूध, चावल, चांदी, मिश्री, शंख या सफेद वस्त्रों का दान उत्तम है।

मंगल (Mars): मंगल दोष निवारण के लिए मंगलवार को लाल मसूूर की दाल, तांबे के बर्तन, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।

बुध (Mercury): बुद्धि और व्यापार में उन्नति के लिए बुधवार को हरी मूंग की दाल, हरे कपड़े, कांसे के बर्तन या घी का दान करें।

गुरु (Jupiter): भाग्य और ज्ञान वृद्धि के लिए गुरुवार को चना दाल, पीले कपड़े, केला, केसर, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी का दान करें।

शुक्र (Venus): सुख-समृद्धि और वैवाहिक सुख के लिए शुक्रवार को सफेद कपड़े, कपूर, घी, दही, इत्र या चावल का दान करें।

शनि (Saturn): शनि देव की महादशा या साढ़ेसाती से मुक्ति के लिए शनिवार को काला तिल, सरसों का तेल, लोहा, उड़द की दाल या काले कंबल का दान करें।

राहु (Rahu): राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार या बुधवार को सात प्रकार के अनाज (सप्तधान्य), नारियल, कोयला या उड़द का दान करें।

केतु (Ketu): केतु की शांति के लिए कंबल, तिल, कस्तूरी या दोरंगी (चितकबरी) वस्तुओं का दान करना सबसे लाभकारी माना जाता है।

नवग्रह दान के नियम और सही समय
वार के अनुसार दान: जिस ग्रह का दान करना हो, उसे उसी ग्रह के निर्धारित वार (दिन) पर सुबह या शाम के समय करना सबसे उत्तम होता है।

सही सुपात्र: दान हमेशा किसी जरूरतमंद व्यक्ति, गरीब या किसी योग्य ब्राह्मण को ही पूरी श्रद्धा और आदरपूर्वक देना चाहिए।

निस्वार्थ भाव: दान करते समय मन में कोई घमंड या दिखावा नहीं होना चाहिए, तभी उसका पूर्ण फल प्राप्त होता है।

निष्कर्ष
यदि आप भी जीवन में लगातार आ रही परेशानियों, गृह क्लेश, नौकरी में रुकावट या व्यापार में घाटे से परेशान हैं, तो उज्जैन में माँ कृपा ज्योतिष पूजन पाठ के माध्यम से आप अपनी कुंडली का सटीक विश्लेषण करवा सकते हैं। सही मार्गदर्शन में नवग्रह दान और उचित पूजन-उपाय करके आप अपने जीवन को खुशहाल, सफल और समृद्ध बना सकते हैं।

 नवग्रह पूजा

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माँ कृपा ज्योतिष पूजन पाठ
📍 उज्जैन, मध्य प्रदेश

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